साथियों नमस्कार ,
जन रोजगार योद्धा फाउंडेशन एक संस्था नहीं, बल्कि एक सपना और संकल्प है। 'जन रोजगार योद्धा' नाम सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की आशा है जो अपने भविष्य को संवारने की राह देख रहे हैं। हम सब इस महान मिशन के सैनिक हैं, जो सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अध्यक्ष के रूप में, मैं आपसे केवल एक बात कहना चाहता हूँ: हमारी राह आसान नहीं है, लेकिन हमारा इरादा चट्टान की तरह मजबूत है। हमें उन युवाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, जो अब तक अपने कौशल और सामर्थ्य को पहचान नहीं पाए हैं। हमारे लिए हर चुनौती एक अवसर है, और हर बाधा हमें और अधिक मजबूत बनाती है।
आइए, हम सब मिलकर इस मिशन को आगे बढ़ाएं। हमारा हर प्रयास, हर कदम, किसी न किसी के जीवन में बदलाव लाएगा। याद रखें, आप सिर्फ नौकरी पैदा करने वाले नहीं, बल्कि एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने वाले हैं। हमारा सामूहिक प्रयास एक नए, आत्मनिर्भर और समृद्ध समाज की नींव रखेगा।
हम हैं 'जन रोज़गार योद्धा', बिहार की मिट्टी के सच्चे सेवक। हमारा मिशन स्पष्ट है: बिहार की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत, लुप्त होते पारंपरिक रोज़गारों और हमारी ज़मीन के अद्वितीय प्राकृतिक उत्पादों को पुनर्जीवित करना। हम सिर्फ़ रोज़गार पैदा करने नहीं आए हैं, बल्कि अपनी पहचान वापस लाने आए हैं। हमारा प्रयास है कि मधुबनी कला, भागलपुरी सिल्क, मखाना प्रसंस्करण, सिक्की शिल्प, और अन्य सभी पुराने व्यवसायों को आधुनिक रूप देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। हम मिलकर काम करेंगे, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करेंगे और बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे।
दोस्तों,
"जो हार नहीं मानता वो बिहार है।"
"शौर्य, शिक्षा और संस्कृति की पहचान है बिहार,
गर्व से कहो – हम हैं बिहारी।"
मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि इस अभियान का हिस्सा बनें और बिहार के उज्जवल भविष्य की नींव रखने में योगदान दें।
आइए, नए जोश और ऊर्जा के साथ इस यात्रा को सफल बनाएं। जय हिंद!
धन्यवाद 🙏
प्रीतेश कुमार
अध्यक्ष, जन रोज़गार योद्धा फाउंडेशन
– प्रीतेश कुमार
अध्यक्ष, जन रोजगार योद्धा
